| पूर्व विधायक ने आरोपों को बताया झूठा बोले… ये पैसे ऐंठने वाली गैंग है। उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे। |

बिजनौर। बिजनौर के पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। एक तरफ वह चर्चित तालिब खालिद कांड में आरोपों और कानूनी कार्रवाई को लेकर चर्चा में रहे हैं, तो दूसरी तरफ अब सरकारी चारागाह की जमीन पर कथित कब्जे और करोड़ों की संपत्ति के विवाद को लेकर उनके खिलाफ शिकायत सामने आई है।
मामला बिजनौर जिले की धामपुर तहसील क्षेत्र के गांव सुहागपुर से जुड़ा है। शिकायतकर्ता छुट्टन खां और मोहम्मद शाहिद ने मुख्यमंत्री को भेजे प्रार्थना पत्र और उपजिलाधिकारी धामपुर से मिलकर आरोप लगाया है कि ग्राम सुहागपुर में गाटा संख्या 179, रकबा करीब 0.0690 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में चारागाह के रूप में दर्ज है।
आरोप है कि इस सरकारी जमीन पर पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी, उनके भाइयों और परिवार से जुड़े अन्य लोगों द्वारा कथित तौर पर कब्जा किया गया और निर्माण कराया गया।शिकायतकर्ता ने मोहम्मद गाजी के अलावा उनके भाइयों सुहैल,कमाल,दानिश, मुजाहिद और जिबरान गाजी समेत अन्य लोगों के खिलाफ एंटी भूमाफिया कार्रवाई करने, मुकदमा दर्ज करने और सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग की है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि शेरकोट क्षेत्र में पूर्व विधायक की ओर से करीब एक बीघा जमीन खरीदी गई, जबकि आसपास की सरकारी संपत्ति को कथित तौर पर घेरकर करीब नौ बीघा क्षेत्र में आलीशान मकान बनाया गया।
उपजिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में शिकायतकर्ता मोहम्मद शाहिद पुत्र स्वर्गीय असगर अली ने आरोप लगाया है कि शेरकोट सहकारी आवास समिति लिमिटेड की करीब 50 करोड़ रुपये की संपत्ति, जो मौजा रामबड़ी खुरसरा के विभिन्न गाटों में दर्ज है, एक संगठित गिरोह द्वारा कथित रूप से फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी और दबंगई के बल पर हड़प ली गई।
इस मामले में शिकायतकर्ता की ओर से 27 अप्रैल 2026 को थाना शेरकोट में मुकदमा दर्ज कराए जाने का भी उल्लेख किया गया है। प्रार्थना पत्र में कई गंभीर धाराओं के साथ मुकदमे और जांच का हवाला देते हुए नामजद 14 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट समेत अन्य कठोर धाराओं में कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत में मोहम्मद गाजी,कमाल, मुजाहिद,दानिश समेत कई अन्य लोगों के नाम भी शामिल बताए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने संगठित तरीके से सहकारी आवास समिति की संपत्ति को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों और बेनामे के जरिए अपने रिश्तेदारों तथा परिचितों के नाम कराने का प्रयास कियावही इस संबंध में पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी से फोन पर बात की तो उन्होंने बताया यह लोग झूठी शिकायत करते हैं और शिकायत के बदले पैसे मांगते हैं।पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी की ऑडियो उपलब्ध है।
