
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति श्री राम अवतार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया और आयोग के समक्ष स्थानीय निकायों से संबंधित आवश्यक आंकड़े एवं अभिलेख प्रस्तुत किए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य स्थानीय ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण के निर्धारण के लिए आवश्यक तथ्यात्मक (Empirical) आंकड़ों का परीक्षण एवं संकलन करना रहा। आयोग विभिन्न जिलों का दौरा कर स्थानीय स्तर पर सामाजिक एवं प्रशासनिक आंकड़ों का अध्ययन कर रहा है, ताकि राज्य सरकार को अपनी सिफारिशें प्रस्तुत की जा सकें।
गौरतलब है कि इस समर्पित आयोग का गठन सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित “ट्रिपल टेस्ट” की प्रक्रिया का पालन करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि स्थानीय निकायों में ओबीसी आरक्षण लागू करने से पहले एक समर्पित आयोग वास्तविक आंकड़ों के आधार पर अध्ययन करे और उसी के आधार पर आरक्षण की सिफारिश की जाए।
बैठक के दौरान अधिकारियों से जिले की जनसंख्या, स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्ग के प्रतिनिधित्व तथा अन्य संबंधित जानकारियों पर चर्चा की गई। आयोग इन तथ्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसे राज्य सरकार को सौंपा जाएगा। इसके बाद सरकार आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप स्थानीय निकायों में ओबीसी आरक्षण से संबंधित निर्णय ले सकेगी।
प्रशासनिक अधिकारियों ने आयोग को आवश्यक सहयोग देने का आश्वासन दिया तथा सभी विभागों को समयबद्ध ढंग से वांछित सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
