
मुरादाबाद के 36 आश्रय स्थलों में 7,870 गोवंश सुरक्षितमुरादाबाद।उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निराश्रित एवं असहाय गोवंश के संरक्षण और सुदृढ़ देखभाल के लिए लगातार प्रयासरत है। राज्य सरकार गो सेवा को केवल प्रशासनिक दायित्व न मानकर एक मानवीय, सामाजिक और आध्यात्मिक उत्तरदायित्व के रूप में स्वीकार करते हुए बहुआयामी योजनाएं संचालित कर रही है।
उत्तर प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है, जहां निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए सरकार द्वारा ₹50 प्रतिदिन की दर से धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है।पारदर्शी निगरानी के लिए तीसरी आंख का पहरागौशालाओं के प्रभावी संचालन और व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश की 5,446 गौशालाओं में 7,592 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं। इस अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली के जरिए चौबीसों घंटे (24 \times 7) गोवंश की सुरक्षा, देखभाल की गुणवत्ता और प्रशासनिक जवाबदेही तय की जा रही है।वर्तमान में राज्य के विभिन्न जनपदों में 7,700 से अधिक गौ-आश्रय स्थल सक्रिय रूप से संचालित हैं,
जिनमें 16 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आवास, नियमित आहार, स्वच्छ पेयजल और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं।सहभागिता योजना से गोपालकों के खाते में सीधे डीबीटीमुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के माध्यम से सरकार ने इस मुहिम को एक जन आंदोलन का रूप दे दिया है। इस योजना के तहत अब तक 1,67,065 गोवंश इच्छुक एवं जिम्मेदार गोपालकों को सुपुर्द किए जा चुके हैं। सरकार द्वारा प्रत्येक गोवंश के भरण-पोषण के लिए ₹50 प्रतिदिन की दर से पोषण भत्ता सीधे गोपालकों के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजा जा रहा है, जिससे न केवल गोवंश का संरक्षण हो रहा है, बल्कि ग्रामीणों की आय में भी वृद्धि हो रही है।मुरादाबाद जनपद में गो-संरक्षण की स्थितिजनपद मुरादाबाद में जिला प्रशासन द्वारा गो-संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है।
वर्तमान आंकड़ों के अनुसार:जनपद में 36 गो-आश्रय स्थल पूरी तरह क्रियाशील हैं, जिनमें 7,870 गोवंश का संरक्षण एवं पालन-पोषण किया जा रहा है।इसके अतिरिक्त, सहभागिता योजना के अंतर्गत मुरादाबाद के 580 प्रगतिशील गोपालकों ने 741 गोवंश को अपनाकर सामुदायिक सहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है।नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई, अफवाहों से बचेंउत्तर प्रदेश सरकार ‘उ०प्र० गोवध निवारण अधिनियम, 1955’ के तहत गोवंश की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
जीरो टॉलरेंस नीति के तहत गोवंश संरक्षण से संबंधित नियमों के उल्लंघन पर त्वरित एवं कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।उ०प्र० गो सेवा आयोग के माननीय उपाध्यक्ष श्री महेश कुमार शुक्ल एवं माननीय सदस्य श्री दीपक गोयल ने स्पष्ट किया है कि आयोग के पदाधिकारियों द्वारा गो-आश्रय स्थलों का नियमित भ्रमण कर पैनी निगाह रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई होगी। उन्होंने असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों का खंडन करते हुए जनमानस से इनसे भ्रमित न होने की अपील की है। मुख्यमंत्री जी ने भी सख्त निर्देश दिए हैं कि निराश्रित गोवंश की सेवा और संरक्षण में कोई भी कमी नहीं आने दी जाएगी।
