
बागपत। जनपद बागपत में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) डॉ. यशवीर सिंह के लगभग 17 वर्षों से एक ही जिले में तैनात रहने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। आरोप है कि वर्ष 2024 में हुई जिला कोर कमेटी की बैठक में भी उनके लंबे कार्यकाल का मुद्दा उठाया गया था और स्थानांतरण की मांग की गई थी। हालांकि, इसके बावजूद उनकी तैनाती जारी रहने को लेकर कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं। डॉक्टर यशवीर सिंह को लेकर यह भी आरोप लगाए जाते रहे हैं कि उनके विरुद्ध विभिन्न शिकायतें और अनियमितताओं के आरोप समय-समय पर सामने आए हैं। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष या दोष सिद्ध होने की कोई सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।इसी बीच डॉ. यशवीर सिंह वर्ष 2024 में उस समय भी सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने स्वयं आरोप लगाया था कि उनके भोजन में टीबी संक्रमित नमूना और रसायन मिलाकर उन्हें नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच की थी।
अब स्थानीय स्तर पर फिर यह सवाल उठ रहा है कि यदि किसी अधिकारी के खिलाफ लगातार शिकायतें और विवाद सामने आते रहे हैं, तो संबंधित विभाग द्वारा उनकी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक निर्णय क्यों नहीं लिया गया। वहीं यह भी मांग की जा रही है कि यदि आरोप निराधार हैं तो विभाग सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करे, और यदि शिकायतों में तथ्य हैं तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।(नोट: इस रिपोर्ट में उल्लिखित भ्रष्टाचार और रिश्वत से जुड़े आरोप आरोप मात्र हैं। इनके संबंध में किसी सक्षम न्यायालय या विभाग द्वारा दोष सिद्ध होने की पुष्टि उपलब्ध नहीं है। संबंधित अधिकारी का पक्ष प्रकाशित होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)**
