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BSNL संभल में निर्माण कार्य पर बड़ा विवाद: विभाग पर ठेकेदार के 60 लाख दबाने का आरोप, मामला हाईकोर्ट में लंबित ( पार्ट -1)

ByMoradabadprahari

Jun 18, 2026

टेलीफोन एक्सचेंज बनाने के बाद भी 26 साल से अटका है भुगतान; कमर्शियल जजों को रिश्वत देने से इनकार के बाद गहराया मामला,

।संभल/मेरठ।भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के संभल स्थित निर्माण कार्यों को लेकर एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। जहाँ आमतौर पर ठेकेदारों पर अनियमितताओं के आरोप लगते हैं, वहीं इस मामले में खुद सरकारी विभाग (BSNL) पर एक ठेकेदार के लगभग 60 लाख रुपये दबाने का संगीन आरोप लगा है। यह विवाद पिछले 26 वर्षों से लगातार खिंच रहा है और वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय (High Court) के समक्ष विचाराधीन है।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा प्रकरण संभल में बीएसएनएल के टेलीफोन एक्सचेंज निर्माण से जुड़ा है। मेरठ के निवासी और मुख्य ठेकेदार उपेंद्र कुमार सिंघल ने विभाग के लिए टेलीफोन एक्सचेंज का निर्माण कार्य प्रारंभ किया था। आरोप है कि कार्य में अनियमित होने की बात कहकर विभाग द्वारा ठेकेदार का लगभग 60 लाख रुपये का भुगतान रोक लिया गया। पिछले ढाई दशकों (26 साल) से यह भुगतान न होने के कारण यह मामला प्रशासनिक गलियारों से होते हुए अदालत की चौखट तक पहुंच गया है।

तीन कमर्शियल जजों और रिश्वत खोरी से जुड़ा सनसनी खेज मोड़

इस लंबी कानूनी लड़ाई में सबसे बड़ा और हैरान करने वाला मोड़ तब आया, जब न्यायिक प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर भ्रष्टाचार का एक गंभीर पहलू सामने आया। सूत्रों के अनुसार, इस मामले की सुनवाई से जुड़े तीन कमर्शियल जजों को रिश्वत देने की बात सामने आई थी, जिसे ठेकेदार उपेंद्र कुमार सिंघल द्वारा स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया गया। बताया जा रहा है कि इस प्रकरण से जुड़े उन तीन न्यायाधीशों में से दो जज अब सेवानिवृत्त (Retired) हो चुके हैं। रिश्वत के इस कथित खेल और ईमानदारी के टकराव ने पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है।

हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी निगाहें

26 साल पुराने इस विवाद में अब तक कई कानूनी दांवपेच देखे जा चुके हैं। चूंकि मामला अभी हाईकोर्ट में लंबित है, इसलिए न्यायपालिका के अंतिम फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हैं। यह मामला इस बात का बड़ा उदाहरण बन गया है कि कैसे एक निर्माण कार्य का भुगतान प्रशासनिक पेचीदगियों और कथित भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर 26 साल तक लटक सकता है।

अगले अंक में विशेष खोजी रिपोर्ट: ‘The Mastermind’विभाग के किन अधिकारियों ने ठेकेदार की फाइल को 26 साल तक दबाए रखा? तीन कमर्शियल जजों से जुड़े इस कथित रिश्वत कांड के पीछे की पूरी ‘इनसाइड स्टोरी’ क्या है? पूरे मामले में कथित रकॉर्डिंग मौजूद , पढ़िए हमारी अगली विशेष रिपोर्ट में, जहाँ हम करेंगे इस पूरे मामले के हर एक पहलू का सिलसिलेवार और सबसे बड़ा खुलासा।

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