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कृषक भाई बीजशोधन एवं भूमिशोधन अपनाकर आगामी फसलों को रोगों से बचाएं : जिला कृषि रक्षा अधिकारी

ByMoradabadprahari

Jun 2, 2026

समाधान हेतु अपना नाम, ग्राम, विकास खंड एवं जनपद का विवरण लिखकर समस्या से प्रभावित फसल की फोटो मोबाइल नंबर 9452247111 एवं 9452257111 पर एसएमएस अथवा व्हाट्सएप के माध्यम से भेजने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

मुरादाबाद,जनपद के किसानों से आगामी खरीफ फसलों की बुआई से पूर्व बीजशोधन एवं भूमिशोधन अवश्य करने की अपील की गई है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. राजेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में किसान खरीफ फसलों की तैयारी एवं विभिन्न फसलों की बुआई में जुटे हुए हैं। फसलों में रोग, बीज, मृदा, वायु, जल तथा कीटों के माध्यम से फैलते हैं, जिससे उत्पादन एवं गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए बीज एवं भूमि जनित रोगों की रोकथाम के लिए बुआई से पूर्व बीजशोधन और भूमिशोधन अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने बताया कि धान सहित अन्य फसलों में जीवाणु झुलसा, झोंका, शीथ ब्लाइट, पत्ती धब्बा, मिथ्या कंडुआ, तुलासिता, बीज सड़न तथा अंकुरण रोग जैसी समस्याएं फसल को प्रभावित करती हैं। इन रोगों से बचाव हेतु किसानों को प्रमाणित विधि से बीजशोधन करने की सलाह दी गई है।उन्होंने बताया कि बीजशोधन के लिए कार्बेन्डाजिम 50 प्रतिशत, डब्ल्यूपी अथवा थीरम 75 प्रतिशत, डब्ल्यूपी का 2.0 से 2.5 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से प्रयोग किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त ट्राइकोडर्मा आधारित जैविक उपचार भी प्रभावी है। धान में जीवाणु झुलसा एवं जीवाणु धारी रोग से बचाव के लिए स्ट्रेप्टोसाइक्लिन सल्फेट एवं टेट्रासाइक्लिन हाइड्रोक्लोराइड के मिश्रण से उपचारित करने की सलाह दी गई है।उन्होंने किसानों को यह भी सलाह दी कि जैव-कीटनाशी से उपचारित बीजों को तेज गर्मी एवं धूप से बचाकर रखें तथा उपचारित बीजों को रासायनिक उर्वरकों के साथ न मिलाएं। यदि बीज को फफूंदनाशी, कीटनाशी तथा जैव-कीटनाशी तीनों से उपचारित करना हो तो निर्धारित क्रम का पालन करें।भूमिशोधन के संबंध में जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि ट्राइकोडर्मा अथवा अन्य जैविक उत्पादों को सड़ी हुई गोबर की खाद में मिलाकर निर्धारित अवधि तक रखने के बाद अंतिम जुताई के समय खेत में प्रयोग करने से भूमि जनित रोगों पर प्रभावी नियंत्रण प्राप्त किया जा सकता है। बीज एवं भूमिशोधन के लिए आवश्यक रसायन एवं जैविक उत्पाद सभी ब्लॉक स्तरीय कृषि रक्षा इकाइयों पर उपलब्ध हैं।किसानों को फसलों में कीट एवं रोग संबंधी किसी भी समस्या के समाधान हेतु अपना नाम, ग्राम, विकास खंड एवं जनपद का विवरण लिखकर समस्या से प्रभावित फसल की फोटो मोबाइल नंबर 9452247111 एवं 9452257111 पर एसएमएस अथवा व्हाट्सएप के माध्यम से भेजने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। प्राप्त शिकायतों का निस्तारण 48 घंटे के भीतर किया जाएगा।जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने जनपद के समस्त कृषकों से वैज्ञानिक विधियों को अपनाकर बीजशोधन एवं भूमिशोधन करने तथा स्वस्थ एवं अधिक उत्पादन वाली फसल प्राप्त करने का आह्वान किया है।

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