
नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश विधान सभा की कार्यवाही के दौरान नारी शक्ति वंदन महिला आरक्षण बिल पर बोलते हुए कांठ के सपा विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर ने भाजपा सरकार के उपर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि सत्र 2011 में यह बिल संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में सर्व सम्मति से पारित हुआ था।और उस समय यह स्पष्ट किया गया था कि पहले जनगणना का कार्य किया जाएगा उसके बाद ही इसे लागू किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में चुनावी माहौल को देखते हुए भाजपा सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर महिला आरक्षण बिल लागू करने की बात कर रही है। जो कि पूरी तरह से विरोधाभासी है और पूर्ण राजनीतिक फायदा लेने का प्रयास है। कांठ विधायक कमाल अख्तर ने सवाल उठाया कि जब उत्तर प्रदेश में स्वयं भाजपा सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर पंचायत चुनाव नहीं करवा रही है तो केंद्र सरकार उसी आरक्षण के आधार पर महिला आरक्षण बिल लागू करने की बात क्यों कर रही है। यह एक दोहरे मापदंड को दर्शाता है। कांठ विधायक कमाल अख्तर ने सुझाव दिया कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती है तो ऐसा कानून बनाया जाए जिसमें महिलाओं को प्रत्येक राजनीतिक दल के लिए राजनीति में 33% आरक्षण अनिवार्य हो। इससे महिलाओं का नेतृत्व स्वतः ही मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि केवल कानून बनाने से कुछ नहीं होने वाला है, बल्कि उसको लागू करना भी अति आवश्यक है। अंत में उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की विचारधारा हमेशा महिलाओं के सम्मान, अधिकार और समानता के पक्ष में खड़ी रही है और आगे भी इस दिशा में संघर्ष जारी रहेगा।
