विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम में 9 को मिला मातृत्व एवं शिशु हितलाभ, डीएम ने दीं शुभकामनाएं
गत वित्तीय वर्ष में 972 को शिशु हितलाभ तो 814 को कन्या विवाह सहायता का मिला लाभ मानधन योजना में डीएम की पहल लाई रंग, 550 की जगह 10 हजार के पार पहुंचा लक्ष्य, 9000 पंजीकृत

रामपुर, 1 मई। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर विकास भवन सभागार में आयोजित एक वृहद जागरूकता कार्यक्रम में जिले के श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देकर सम्मानित किया गया। मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चन्द्र की अध्यक्षता में हुए इस आयोजन में, कार्यक्रम में उपस्थित न होने के बावजूद जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने अपना शुभकामना संदेश भेजकर श्रमिकों को विकास की असली रीढ़ बताया। इस खास मौके पर जहां आज 9 श्रमिकों को मातृत्व एवं शिशु हितलाभ योजना के अंतर्गत सहायता प्रदान की गई, वहीं ई-श्रम कार्ड के लाभार्थियों को भी प्रमाण पत्र बांटे गए।
श्रमिक सशक्त होंगे तो अर्थव्यवस्था होगी मजबूत:
सीडीओ कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चन्द्र ने अपने संबोधन में कहा कि श्रमिक समाज और अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ नींव हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए कि श्रमिकों का अधिक से अधिक पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जा सके। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। इसमें उद्योग जगत व व्यापार मंडल के प्रतिनिधि भी उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

रोजगार के अवसरों में हो रही वृद्धि
सहायक श्रमायुक्त राजकुमार ने बताया कि जनपद में नए उद्योगों की स्थापना से रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि गत वित्तीय वर्ष में 972 लाभार्थियों को शिशु हितलाभ योजना तथा 814 लाभार्थियों को कन्या विवाह सहायता योजना का लाभ प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान ई-श्रम कार्ड के माध्यम से ₹25,000 तक के लाभ के प्रमाण पत्र और तीन श्रमिकों को प्रधानमंत्री मानधन योजना के प्रमाण पत्र भी मौके पर वितरित किए गए। पूरे कार्यक्रम का समापन श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा एवं समृद्धि के संकल्प के साथ किया गया।
श्रमिक ही विकास की आधारशिला: डीएम का जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने अपने शुभकामना संदेश में स्पष्ट किया कि श्रमिकों की मेहनत, लगन और समर्पण के बिना राष्ट्र की प्रगति की कल्पना अधूरी है। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी पात्र श्रमिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए, कोई भी श्रमिक वंचित न रहे।
मानधन योजना में डीएम की पहल लाई रंग, 9000 श्रमिक हुए पंजीकृत
श्रमिकों के सुरक्षित भविष्य को लेकर डीएम अजय कुमार द्विवेदी की दूरगामी सोच का असर प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (पीएम-एसवाईएम) में साफ नजर आ रहा है। कुछ माह पूर्व इस योजना का लक्ष्य मात्र 550 था, जिसे श्रमिकों के हित को देखते हुए डीएम ने बढ़ाकर 10,398 कर दिया था। विभाग की सक्रियता और डीएम की सतत मॉनिटरिंग का ही नतीजा है कि जिले में अब तक 9,000 श्रमिक इस पेंशन योजना से जुड़कर अपना भविष्य सुरक्षित कर चुके हैं।
क्या है योजना और कैसे लें लाभ1
5 फरवरी 2019 को शुरू हुई यह योजना असंगठित क्षेत्र के कामगारों के बुढ़ापे का सबसे बड़ा सहारा है। 18 से 40 वर्ष की आयु के ऐसे श्रमिक जिनकी मासिक आय ₹15,000 से कम है, वे ₹55 से ₹200 का मासिक अंशदान कर इससे जुड़ सकते हैं। 60 वर्ष की आयु के बाद उन्हें ₹3,000 निश्चित मासिक पेंशन मिलती है, जिसमें सरकार भी अपनी ओर से बराबर का योगदान देती है। पात्र श्रमिक अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (सीएससी), श्रम विभाग के कार्यालय या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना आधार कार्ड और बैंक पासबुक ले जाकर इस योजना में अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
