
स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के निर्देश,
किसानों को उन्नत कृषि से जोड़ने के लिए कृषि विभाग गोष्ठियों का कराए आयोजन, आधुनिक कृषि तकनीकों की दें जानकारी।
एनएचएआई द्वारा हाइवे पर सुविधाओं की अनदेखी पर सांसद ने जताई नाराजगी।
जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सर्किट हाउस के सभागार में सांसद कुंवरानी रुचि वीरा की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना, आईसीडीएस, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, पशुपालन, डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, मध्याह्न भोजन योजना, समग्र शिक्षा, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, सुगम्य भारत अभियान, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, खेलो इंडिया, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, ई-श्रम पोर्टल, मनरेगा, तीर्थ यात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान सहित केंद्र सरकार द्वारा संचालित अन्य योजनाओं के बारे में विस्तृत समीक्षा की।
स्वयं सहायता समूहों के गठन के बारे में डीसी एनआरएलएम ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत इस वर्ष 3826 का लक्ष्य शासन द्वारा निर्धारित है। 1564 समूहों का गठन हो चुका है और शेष लक्ष्य मार्च 2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। समूहों को सक्रिय करके उन्हें रोजगार के अवसरों के सृजन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
सांसद ने कहा कि समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और बिक्री कराने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएं। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि दिवाली एवं अन्य महत्वपूर्ण त्योहारों के अवसर पर स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों की बिक्री के लिए मेले आयोजित हों। सांसद ने कहा कि उत्पादों की बिक्री के लिए मौका और मार्केट मुहैया कराना बहुत जरूरी हैं।
धरातल पर योजनाओं का पूरी पारदर्शिता के साथ क्रियान्वयन होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अधिकतर लोग स्थाई रूप से सेवायोजित नहीं हो पा रहे हैं, इसलिए उन्हें प्रदान किए जाने वाले प्रशिक्षण को और अधिक बेहतर बनाया जाए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्धारित मानकों के अनुसार न्यूनतम 500 की आबादी वाले गांवों को सड़कों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में संभवतः कोई ऐसा गांव नहीं है जो 500 की आबादी वाला हो और सड़क से न जुड़ा हो, इसलिए उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि विभाग को इन मानकों पर पुनर्विचार करने के लिए पत्राचार करें।
निराश्रित महिला पेंशन के तहत इस वर्ष 2641 नवीन पेंशन लाभार्थियों का चिन्हीकरण हुआ है।
उप निदेशक कृषि ने बताया कि जिले की मृदा में नाइट्रोजन और जैविक तत्वों की कमी पाई गई है, सांसद ने कहा कि किसानों के लिए स्थानीय, विकास खंड या जिला स्तर पर गोष्ठियों का आयोजन करके उन्हें योजनाओं और मृदा की देखभाल सहित कृषि से जुड़ी उन्नत तकनीकों के बारे में जानकारी दें। साठा धान को यदि प्रतिबंधित किया गया है तो समय से किसानों को इस फसल के नुकसान और प्रतिबंधों के बारे में जानकारी दे दी जाए। फसल नुकसान की स्थिति का आकलन कराते हुए किसानों को मुआवजा की धनराशि समय से मिल जाए।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत 990 के सापेक्ष 988 गांवों का ड्रोन सर्वे हो चुका है।
एनसीएपी के तहत वर्ष 2024- 25 और 2025-26 के अंतर्गत सड़कों के निर्माण, टेंडर, अनुरक्षण कार्यों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट भेजने के लिए अपर नगर आयुक्त नगर निगम मुरादाबाद को निर्देश दिए।
अप्रैल 2025 से अब तक बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत 33 कार्यक्रमों के आयोजन होने की रिपोर्ट पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि भविष्य में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में महिला जनप्रतिनिधियों और महिला अधिकारियों की भागीदारी कराई जाए ताकि जागरूकता कार्यक्रम सार्थक हो सकें। सांसद ने कहा कि प्रचार प्रसार पर विशेष जोर दिया जाए।
उन्होंने जिला चिकित्सालय सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की कमी हो पूरा करने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में पूंछा, जिस पर सीएमओ ने बताया कि डॉक्टरों के चयन के लिए 15 सितंबर को इंटरव्यू किया जाएगा।
बैठक में विधान परिषद सदस्य श्री जयपाल सिंह व्यस्त ने जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना का मुद्दा उठाया, जिसपर सांसद ने कहा कि जिलाधिकारी और सीएमओ सभी मानकों की पूर्ति कराते हुए प्रस्ताव भेजें।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रहें ताकि प्राथमिक उपचार प्रदान करने में कोई दिक्कत न रहे।
सांसद ने कहा कि भारी टोल वसूली के बावजूद भी नेशनल हाइवे पर कोई सुविधा नहीं है। उन्होंने जगह जगह जलभराव और अनाधिकृत कट होने की वजह से हो रही दिक्कतों पर नाराजगी जताई और कहा कि इसके लिए जिम्मेदार कार्यदाई संस्था ब्लैकलिस्ट होनी चाहिए।
जलभराव की समस्या के समाधान को लेकर एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि पंपिंग सेट के माध्यम से पानी निकलवा दिया जाता है, जिस पर सांसद ने नाराजगी जताई और कहा कि यह मानकों के विपरीत है और वे इस लापरवाही को लेकर केंद्रीय मंत्री को भी जानकारी दी जाएगी।
सांसद ने क्रीड़ा अधिकारी को निर्देश दिए कि वे जिले में शूटिंग रेंज की स्थापना के लिए प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजें।
उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी द्वारा बारिश और बाद के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों के प्रस्ताव सभी जनप्रतिनिधियों से ले लिए जाएं।
पाइपलाइन के माध्यम से गैस आपूर्ति के लिए बिछाई जा रही लाइन के लिए मानकों का सत्यापन करा लिया जाए।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शैफाली सिंह, विधान परिषद सदस्य जयपाल सिंह व्यस्त, विधान परिषद सदस्य गोपाल अंजान, जिलाधिकारी अनुज सिंह, मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी, एडीएम प्रशासन गुलाब चंद्र, अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी गण मौजूद रहे
