
नाना पाटेकर
GOA, 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के मुरुड-जंजीरा में जन्मे नाना पाटेकर का 75वर्ष में निधन (वास्तविक नाम विश्वनाथ पाटेकर) ने अपने अभिनय की शुरुआत थिएटर से की थी। सिनेमा जगत में उन्होंने लगभग पांच दशकों तक अपनी दमदार आवाज़, अनूठे संवाद अदायगी और बेबाक अभिनय से दर्शकों के दिलों
- क्रांतिवीर (1994): इस फिल्म के दमदार डायलॉग्स और उनके अभिनय ने उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिलाया।
- प्रहार: द फाइनल अटैक (1991): इस फिल्म का उन्होंने न केवल बेहतरीन निर्देशन किया, बल्कि मुख्य भूमिका निभाने के लिए भारतीय सेना के साथ 3 साल तक कठिन सैन्य प्रशिक्षण भी लिया था।
- वेलकम (2007): ‘उदय शेट्टी’ के हास्य और क्रिमिनल वाले किरदार में उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
सिनेमा के अलावा, नाना पाटेकर अपनी सादगी और सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते थे। उन्होंने नाम फाउंडेशन (Naam Foundation) के ज़रिए महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित किसानों की बढ़-चढ़कर मदद की। कला और समाज में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें साल 2013 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई राजनीतिक व फिल्मी हस्तियों ने उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है।
धामपुर तहसील बार एसोसिएशन की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी 2026-27 का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न।https://moradabadprahari.com/?p=4870
