
कांठ। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की पदोन्नति पिछले करीब दस वर्षों से लंबित होने का मामला एक बार फिर सामने आया है। शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया शुरू कराने की मांग को लेकर एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह ‘व्यस्त’ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है।
दस वर्षों से पदोन्नति का इंतजार
एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह ‘व्यस्त’ ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की पदोन्नति लंबे समय से नहीं हुई है। उनके अनुसार, पदोन्नति लंबित होने के कारण शिक्षकों में निराशा और असंतोष है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जनवरी 2024 में पदोन्नति की सूचियां तैयार कर काउंसलिंग की तिथि घोषित की गई थी, लेकिन शिक्षक भर्ती से संबंधित प्रक्रिया के चलते पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया गया था।
न्यायालय में याचिकाओं के चलते प्रक्रिया हुई लंबित
एमएलसी के पत्र के अनुसार, इसके बाद हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं के कारण बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की पदोन्नति के मामले को प्रतीक्षा में रखा।
पत्र में कहा गया है कि संबंधित याचिकाओं के निस्तारित होने के बाद अब शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। एमएलसी ने मुख्यमंत्री से इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए पदोन्नति प्रक्रिया शुरू कराने का अनुरोध किया है।
शिक्षक संघ ने जल्द पदोन्नति की मांग उठाई
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के छजलैट ब्लॉक अध्यक्ष कपिल सिरोही ने कहा कि शिक्षक पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। उनके अनुसार, समय पर पदोन्नति नहीं होने से शिक्षकों का मनोबल प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि एमएलसी जयपाल सिंह ‘व्यस्त’ द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र लिखे जाने से शिक्षकों में पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद जगी है।
शिक्षक संघ ने शासन स्तर पर मामले को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
