
मुरादाबाद। स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर प्रेस क्लब ऑफ मुरादाबाद द्वारा एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शहर के प्रमुख पत्रकारों, गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुरादाबाद के मेयर विनोद अग्रवाल ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
अपने संबोधन में मेयर विनोद अग्रवाल ने स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने और शहर के विकास में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने निष्पक्ष पत्रकारिता को समाज का मार्गदर्शन करने वाली शक्ति बताया।
| आज़ादी के आंदोलन से लेकर आज तक पत्रकारिता की अहम भूमिका: शिशिर जी प्रेस क्लब ऑफ मुरादाबाद के उपाध्यक्ष शिशिर जी ने स्वतंत्रता संग्राम में मीडिया के योगदान को याद करते हुए कहा,”पिछले दौर में पत्रकारिता का एकमात्र उद्देश्य देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराना था। पत्रकारों ने अंग्रेजों के ‘वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट’ जैसे कठोर कानूनों का सामना किया, जेल गए, लेकिन अपनी कलम को कभी रुकने नहीं दिया।”उन्होंने आगे कहा कि स्वतंत्र भारत में पत्रकारिता अति महत्वपूर्ण है। आज के समय में पत्रकारिता की स्वतंत्रता केवल सूचनाएँ पहुँचाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सच्चाई का आईना है, जो समाज की अच्छाइयों को उजागर करने के साथ-साथ उसकी कमियों और बुराइयों से भी पर्दा उठाती है। |
निडर मीडिया ही नागरिकों के अधिकारों की रक्षा कर सकता है: राजन भाई प्रेस क्लब के सह सचिव राजन भाई ने पत्रकारों के दायित्वों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक पत्रकार में सत्ता से सवाल पूछने की ताकत होनी चाहिए। उन्होंने कहा,”एक निडर मीडिया ही सरकार की नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण कर सकता है और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा कर सकता है। पत्रकारों को आम जनता की आवाज़ बनना चाहिए, क्योंकि जब शोषित, वंचित और बेबस लोगों की सुनने वाला कोई नहीं होता, तब स्वतंत्र पत्रकारिता ही उनकी असली आवाज़ बनती है।”
| निष्पक्षता पर मंडराते खतरों से सावधान रहने की जरूरत: योगेश कुमार कार्यक्रम के अंत में प्रेस क्लब के सांस्कृतिक सचिव योगेश कुमार ने वर्तमान दौर की चुनौतियों पर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि आज़ादी के इतने दशकों बाद भी स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के सामने कई बड़ी चुनौतियाँ खड़ी हैं। फेक न्यूज़ (Fake News), सनसनीखेज खबरें (Sensationalism), और व्यावसायिक या राजनीतिक दबाव ने पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं।उन्होंने जोर देकर कहा,”एक स्वतंत्र देश में अगर पत्रकारिता स्वतंत्र नहीं होगी, तो लोकतंत्र कमज़ोर पड़ जाएगा। जैसा कि प्रख्यात विचारकों ने भी कहा है—’अगर मीडिया स्वतंत्र नहीं है, तो जनता कभी वास्तव में स्वतंत्र नहीं हो सकती।’ इसलिए हमें वर्तमान चुनौतियों और अपनी जिम्मेदारियों को गहराई से समझना होगा।”कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों ने लोकतंत्र की रक्षा और जनहित में निष्पक्ष पत्रकारिता करने का संकल्प लिया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। |

