जिला अध्यक्ष अनूप कुमार मिश्रा ने दो टूक शब्दों में सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी है कि पीड़ित परिवार का आर्थिक और मानसिक शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुरादाबाद/लखनऊ, 29 जून 2026 बागपत के थाना सिंघावली अहीर क्षेत्र के ग्राम चिरचिटा में बीते 15 जून को एक 3 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के मामले में न्याय की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत और किसान आंदोलन गरमा गया है। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय के घेराव और लखनऊ कूच के ऐलान के बाद, प्रशासन ने मुरादाबाद में बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठन के जिला अध्यक्ष अनूप कुमार मिश्रा को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर लिया है।इस कार्रवाई के बाद किसानों और संगठन के कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त है।
मुरादाबाद में मुख्यमंत्री से गुहार और लखनऊ कूच की थी तैयारी
इससे पहले मुरादाबाद स्थित कैंप कार्यालय पर आयोजित एक आपातकालीन प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष अनूप कुमार मिश्रा ने बागपत पुलिस प्रशासन पर संवेदनहीनता के बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। संगठन ने रणनीति बनाई थी कि 29 जून को मुरादाबाद आगमन पर माननीय मुख्यमंत्री से मिलकर न्याय की गुहार लगाई जाएगी। समाधान न होने की स्थिति में 30 जून को मुख्यमंत्री कार्यालय (लोक भवन, लखनऊ) का अनिश्चितकालीन घेराव करने और हजारों किसानों के लखनऊ कूच की घोषणा की गई थी।
बागपत पुलिस पर लगे सनसनीखेज आरोप
भाकियू (तोमर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर ने बागपत पुलिस पर बेहद गंभीर और संवेदनहीन आरोप लगाते हुए कहा:> “घटना के वक्त जब मासूम बच्ची की हालत अत्यंत नाजुक थी, तब मौके पर एम्बुलेंस तक उपलब्ध कराने में बागपत पुलिस नाकाम रही। अब अपनी नाकामी छिपाने के लिए पुलिस पीड़ित परिवार पर लगातार मानसिक दबाव बना रही है कि वे पुलिस के पक्ष में वीडियो बयान जारी करें, ताकि पुलिस खुद को क्लीन चिट दे सके।”> किसान नेताओं का आरोप है कि इस मामले को लेकर जब 22 जून को बागपत के पुलिस कप्तान (SP) को ज्ञापन सौंपा गया था, तो उन्होंने संतोषजनक कार्रवाई के बजाय किसान प्रतिनिधियों और पीड़ित परिवार के साथ अभद्र व्यवहार किया। पुलिस के इस रवैये से आहत होकर पीड़ित परिवार न्याय के लिए मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा स्थित संगठन के राष्ट्रीय कार्यालय पहुंचा था।
‘इंसाफ मिलने तक घर वापसी नहीं‘ संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर और नजरबंद किए गए जिला अध्यक्ष अनूप कुमार मिश्रा ने दो टूक शब्दों में सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी है कि पीड़ित परिवार का आर्थिक और मानसिक शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन की रूपरेखा पूरी तरह तैयार है और जब तक पीड़ित मासूम को पूर्ण इंसाफ नहीं मिल जाता, तब तक किसानों की घर वापसी नहीं होगी।फिलहाल, मुरादाबाद जिला अध्यक्ष अनूप कुमार मिश्रा की नजरबंदी के बाद जनपद और आसपास के इलाकों में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और किसान नेताओं की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
