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Moradabad Prahari

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स्कॉलर डेन के मालिक विवेक ठाकुर पर 10.81 लाख की ठगी की FIR, संस्थान की दो महिला कर्मचारी भी नामजद

ByMoradabadprahari

Jun 1, 2026

मुरादाबाद : शहर के चर्चित कोचिंग सेंटर “स्कॉलर डेन” के संचालक अब एक गंभीर आपराधिक मामले में घिरते नजर आ रहे हैं। सिविल लाइंस थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, स्कॉलर डेन संस्था के संचालक विवेक ठाकुर और उनकी सहयोगियों रिया व उपासना पर ₹10 लाख 81 हजार 710 रुपये की कथित धोखाधड़ी, विश्वास में लेकर रकम हड़पने और भुगतान टालने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया गया है कि यह कार्रवाई कमिश्नर आञ्जनेय कुमार सिंह से शिकायत किए जाने के बाद हुई।टिकट बुकिंग के कारोबार से शुरू हुआ विवादशिकायतकर्ता मल्होत्रा ट्रेवल्स के स्वामी हेमंत मल्होत्रा उर्फ सनी के अनुसार वह लंबे समय से रेलवे, हवाई यात्रा और विदेशी टिकटों की बुकिंग का कार्य करते हैं। इसी दौरान उनका संपर्क विवेक ठाकुर से हुआ। आरोप है कि विभिन्न कार्यक्रमों और सेलिब्रिटीज के टिकट बुक कराने के नाम पर लगातार बुकिंग कराई गई और भुगतान बाद में करने का भरोसा दिया जाता रहा।एफआईआर में उल्लेख है कि नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच कई फिल्मी गायक, निर्देशक और कलाकारों के लिए टिकट बुक कराए गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि भरोसे के आधार पर वह टिकट जारी करता रहा, लेकिन भुगतान नहीं मिला और बकाया राशि बढ़ती चली गई।“सेलिब्रिटीज के नाम पर बुकिंग”, भुगतान के नाम पर सिर्फ आश्वासन?एफआईआर के मुताबिक रिया और उपासना ने स्वयं को स्कॉलर डेन संस्था की कर्मचारी बताते हुए शिकायतकर्ता से संपर्क किया और अलग-अलग कार्यक्रमों के लिए टिकट बुक कराने को कहा। आरोप है कि कई बार भुगतान मांगने के बावजूद रकम नहीं दी गई और हर बार जल्द भुगतान का भरोसा दिया जाता रहा।शिकायतकर्ता का दावा है कि जब बकाया राशि लाखों रुपये तक पहुंच गई तो उसने कई बार संपर्क कर भुगतान मांगा, लेकिन कथित तौर पर उसे केवल आश्वासन ही मिलता रहा। आरोप यह भी है कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया और नए टिकट बुक कराने का दबाव बनाया जाता रहा।“जो करना है कर लो…” : एफआईआर में दर्ज गंभीर आरोपमामले का सबसे गंभीर पहलू वह है जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि भुगतान मांगने पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। एफआईआर के अनुसार जब वह विवेक ठाकुर से मिलने उनके कार्यालय पहुंचा तो कथित तौर पर उसे कहा गया — “जो करना है कर लो, कोई भुगतान नहीं दिया जाएगा।”शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसे जानबूझकर विश्वास में लेकर टिकट प्राप्त किए गए और बाद में भुगतान रोक दिया गया। उसके अनुसार यह पूरी प्रक्रिया सुनियोजित आर्थिक धोखाधड़ी का हिस्सा थी।पुलिस जांच के घेरे में स्कॉलर डेन नेटवर्कएफआईआर में विवेक ठाकुर के साथ संस्था से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और उसकी फंसी रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई है।पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। जांच के दौरान बैंकिंग लेनदेन, टिकट बुकिंग रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा सकती है।कारोबारी विश्वसनीयता पर उठे सवालयह मामला केवल आर्थिक विवाद तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि कारोबारी भरोसे और पेशेवर नैतिकता पर भी सवाल खड़े कर रहा है। यदि एफआईआर में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो यह मामला लाखों रुपये की कथित ठगी और विश्वासघात के बड़े प्रकरण के रूप में सामने आ सकता है।

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