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जीवन जीने का उत्तम ढंग और उत्तम संगति पर आधारित हुई प्रेरणादायी कथा रसूलपुर गुर्जर,

ByMoradabadprahari

May 27, 2026

मुरादाबाद तहसील कांठ में आयोजित पावन जम्भाणी हरिकथा के तीसरे दिवस श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति में आध्यात्मिक वातावरण भाव-विभोर हो उठा। कथा वाचक आचार्य गोविंदशरणानंद जी महाराज ने “जीवन जीने का उत्तम ढंग और उत्तम संगति” विषय पर अमृतमयी कथा का वाचन करते हुए कहा कि मनुष्य का जीवन उसकी संगति से बनता और बिगड़ता है। अच्छे विचार, संतों का सानिध्य और धर्ममय जीवन ही व्यक्ति को सच्ची शांति और सफलता प्रदान करता है।कथा के दौरान उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य बाहरी सुखों की ओर भाग रहा है, जबकि वास्तविक आनंद सत्संग, सेवा और संस्कारों में निहित है। उत्तम संगति व्यक्ति के जीवन को नई दिशा देती है तथा उसे समाज और धर्म के प्रति जागरूक बनाती है।इस पावन कथा में महंत स्वामी श्री प्रणवानंद जी महाराज का दिव्य सानिध्य प्राप्त हुआ। साथ ही मंच पर आचार्य विश्वात्मानंद जी महाराज, स्वामी सर्वानंद जी महाराज, स्वामी जगदेवानंद जी महाराज एवं स्वामी नरेशानंद जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही। संतों के आशीर्वचनों से समूचा वातावरण भक्तिमय बन गया।कथा स्थल पर दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने भक्ति रस का आनंद लिया और संतों के श्रीमुख से निकले प्रेरणादायी संदेशों को आत्मसात किया। आयोजन समिति द्वारा सभी संत-महात्माओं का स्वागत एवं सम्मान किया गया।जम्भाणी हरिकथा के इस दिव्य आयोजन से क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना का वातावरण बना हुआ है।

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